ये क्या हो रहा है ?
ये क्या हो रहा है, ये क्या हो रहा है.. ? तुम आये हो जब से जिंदगी मे एक सुकुन सा मिल रहा है, कुछ शब्द है दिल मे जो मेरे बया कैसे करू समझ नही आ रहा है.. और बात ना की जो तुम से दिल बेचैन सा हो रहा है.. ये क्या हो रहा है ये क्या हो रहा है..? है रिश्ता ये कैसा इसे क्या नाम दू समझ नही रहा है पर इस उलझन भरी बहाव मे बहने का मजा भी आ रहा है.. ये क्या हो रहा है ये क्या हो रहा है..? रंग मोहब्बत का अभी तक उतरा नही मेरा फिर ना जाने क्यू दिल मेरा बेवफा हो रहा है ये कैसा नशा है, जो सिर्फ चढता जा रहा है.. ये क्या हो रहा है ये क्या हो रहा है..? नाजुक सी लगती हो तू म पास आने का मन भी है करता पर रिश्ता है अपना कच्चे धागे जैसा ये तूट ना जाये इसे छुनेसे डरता हू इस लीये मै दूर से ही दीदार करता हू , नजदीकीया तो रोज ब ढ़ रही है हमारी पर पास आने की वजाह अब भी है बाकी क्या खयाल होंगा तेरा मेरे बारे मे ? बस.. ये एक ही सवाल मन में आया है.. ये क्या हो रहा है ? अ ब तुम ही बताओ.. ये क्या हो रहा है ? :- ...